सयैद आयतुल्ला अली खामनाई की शहादत की खबर पर घरो में नहीं जले चूल्हे

Date:

Share post:

Stay Connected

5,700FansLike
506FollowersFollow
562FollowersFollow
13,800SubscribersSubscribe

प्रयागराज:ईरान के सुप्रीम लीडर सयैद अयातुल्ला अली खामेनाई के इज़राइल व अमेरीकी हमले में शहीद होने की खबर फैलते ही मुस्लिम इलाक़ों में शोक की लहर दौड़ गई।हर घर में उदासी छा गई।हर शख्स जहां ग़म में डूबा रहा वहीं भारत के ईरान में रह रहे अपनों की खैरियत न मिलने से बेचैन रहा।

खबर के असर से दिल जहां बेचैन और बोझिल सा रहा वहीं आंखें अश्कबार रहीं।दरियाबाद स्थित दरगाह हज़रत अब्बास में मोमेनीन इलाहाबाद की ओर से ताज़ियती जलसा आयोजित हुआ साथ दरगाह से कब्रिस्तान तक जुलूस निकाला गया जिसमें बच्चे बूढ़े नौजवान महिलाएं शामिल हुए साथी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का पुतला जलाया गया और इजराइल का झंडा जलाकर विरोध दर्ज कराया गया दिवंगत आलेमेदीन विश्व शान्ति के रहनुमा हिम्मत और इस्तिक़ामत की मिसाल आयतुल्ला सैय्यद अली खामेनेई को खेराजे अक़ीदत पेश की गई।किसी ने महान योद्धा बताया तो किसी ने ज़ालिम हुकूमत के सामने कभी न झुकने वाले रहबर ए मोअज्जम की संज्ञा से नवाजा।

मौलाना सैय्यद जव्वादुल हैदर रिज़वी ने बताया की रहबर ए मोअज्जम की 86 साल की उम्र थी लेकिन जज़्बा नौजवानों जैसा था उनके अन्दर दिल में शेर जैसा जोश तो लहू मे कर्बला की रवायत और आवाज़ में ऐसा असर की ज़ालिमों की नींद हराम हो जाती थी।मौलाना आमिरुर रिज़वी ने उनकी रहबरी का ज़िक्र करते हुए कहा की उनकी रहबरी सिर्फ सियासत तक नहीं थी वह एक अक़ीदा था एक हौसला था एक रौशनी था। मौलाना हसन रज़ा ज़ैदी ने कहा मौत तुम्हारे पास आए या तुम मौत के पास जाओ फर्क़ नहीं पड़ता अगर मंज़िल इज़्ज़त और हक हो।कहा आज हमने उन्हें जिस्मानी तौर पर खो दिया मगर यह सच है की ऐसे लोग मरते नहीं उनकी सोच उनका जज़बा ,उनका पैग़ाम ज़िन्दा रहता है।
मौलाना ज़ीशान हैदर ने कहा हमें फख्र है की हमने ऐसेज्ञरहबर की रहनुमाई देखी।एक ऐसा रहबर जिसका वजूद ज़ालिमों के लिए क़यामत था।
जिसकी आंखों में सच्चाई थी लहजे में यक़ीन था और सीने में कर्बला का सब्र था
आज आंखें खून के आंसू रो रही हैं।संचालन अनीस अहमद जायसी ने किया

माहे रमज़ान के मौक़े पर ज़ियादातर लोग रोज़े से थे लेकिन करैली करैलाबाग़ ,दरियाबाद ,रानी मण्डी ,दायरा शाह अजमल,बख्शी बाजार ,शाहगंज सहित शिया बहुल्य इलाकों में रहबर ए मोअज्जम की शहादत की खबर से चुल्हे नहीं जले ।घर की महिलाओं ने उदासी माहौल में दुआ ए मग़फिरत की और बाज़ार से फल मंगवाकर सभी ने रोज़ा खोला।घरों में काले परचम लगाए गए तो लोगों ने काले कपड़े पहन कर ताज़ियती जलसे में शिरकत की।

spot_img

Related articles

नाजरेथ हस्पिटल ने हर्ष उल्लास के साथ मनाया गणतंत्र दिवस

प्रयागराज:नाजरेथ हस्पिटल परिसर में 77वाँ गणतंत्र दिवस देशभक्ति के उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ हस्पिटल...

उत्तराखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस बने मनोज कुमार गुप्ता

उत्तराखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस बने न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता ने संभाला पदभार इलाहाबाद हाईकोर्ट बार अध्यक्ष राकेश पांडे...

गर्ल्स हाई स्कूल एंड कॉलेज की ओर से समस्त देशवासियों व प्रदेशवासियों को क्रिसमस और नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं

गर्ल्स हाई स्कूल एंड कॉलेज की ओर से समस्त देशवासियों व प्रदेशवासियों को क्रिसमस और नव वर्ष की...

गर्ल्स हाई स्कूल और कॉलेज में स्टाफ के लिए भव्य क्रिसमस प्रोग्राम हुआ आयोजित

संगम नगरी प्रयागराज के गर्ल्स हाई स्कूल और कॉलेज ने अपने सपोर्ट स्टाफ सदस्यों के अमूल्य योगदान का...