यूपी में गन कल्चर और बाहुबलियों को मिले शस्त्र लाइसेंसों पर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है. कोर्ट ने राजा भैया, बृजभूषण सिंह, अब्बास अंसारी और धनंजय सिंह समेत 50 से ज्यादा बाहुबलियों और रसूखदारों की आपराधिक कुंडली यूपी सरकार से तलब की है. साथ ही इन लोगों को मिली सरकारी सुरक्षा और गन लाइसेंस की भी जांच के आदेश दिए गए हैं.
संतकबीरनगर निवासी जयशंकर उर्फ बैरिस्टर ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर आरोप लगाया था कि शस्त्र लाइसेंस जारी करने में नियमों की अनदेखी की जा रही है. इसी याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने प्रदेशभर में जारी हथियार लाइसेंसों और दागी लोगों को मिली सुरक्षा पर सवाल खड़े किए.
सरकार की ओर से दाखिल हलफनामे में बताया गया कि प्रदेश में इस समय 10,08,953 शस्त्र लाइसेंस जारी हैं. इनमें 6,062 ऐसे लोग शामिल हैं जिन पर दो या उससे अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं. इसके अलावा 23 हजार से अधिक आवेदन लंबित हैं और करीब 20,960 परिवारों के पास एक से ज्यादा शस्त्र लाइसेंस मौजूद हैं. इन आंकड़ों पर हैरानी जताते हुए कोर्ट ने कहा कि कई मामलों में स्थानीय पुलिस प्रभावशाली लोगों की जानकारी छिपा लेती है, इसलिए पारदर्शिता जरूरी है.
हाईकोर्ट ने कहा कि हथियारों का सार्वजनिक प्रदर्शन समाज में भय और असुरक्षा पैदा करता है. कोर्ट ने टिप्पणी की कि अगर हथियार आत्मरक्षा के बजाय डराने और दबदबा बनाने का जरिया बन जाएं, तो वे सुरक्षा नहीं बल्कि खौफ पैदा करते हैं. बेंच ने कहा कि ऐसा समाज जहां हथियारबंद लोग ताकत के दम पर प्रभाव कायम करें, वह न तो शांतिपूर्ण हो सकता है और न सुरक्षित.
कोर्ट ने नोएडा, मेरठ, आगरा, बरेली, लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर और कानपुर जोन के कई चर्चित बाहुबलियों और अपराधियों की जानकारी तलब की है. इनमें राजा भैया, बृजभूषण सिंह,धनंजय सिंह, डॉ उदयभान करवरिया,अब्बास अंसारी, विजय मिश्रा, मदन भद्दो, हाजी याकूब कुरैशी, राजन तिवारी
विनीत सिंह, बृजेश सिंह, खान मुबारक, अजय प्रताप सिंह उर्फ अजय सिपाही, संजय सिंह सिंगला, अतुल वर्मा, सुधाकर सिंह, गुड्डू सिंह, अनूप सिंह, लल्लू यादव, बच्चू यादव और जुगनू वालिया समेत कई बड़े नाम शामिल हैं. कोर्ट ने पूछा है कि इन लोगों को किस श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है, कितने पुलिसकर्मी तैनात हैं और इनके पास कितने हथियार लाइसेंस हैं
