विडियो:नवरात्रि के पावन पर्व पर काली पूजा पर छाया कोविड-19 का काला साया

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नवरात्रि के पावन पर्व पर काली पूजा पर छाया कोविड-19 का काला साया
नवरात्रि पूजा के पवित्र पर्व पर जहां घर-घर मां की स्थापना होती है उनके अलग-अलग नौ स्वरूप की पूजा होती है वही दुनिया में आस्था की धरती कहीं जाने वाली संगम नगरी नवरात्र में देवताओं को जागृत करने वाला माना जाता है प्रयागराज में सैकड़ों वर्षो से चली आ रही मान्यता के अनुसार मां काली लोगों के घरों तक जाकर उन्हें दर्शन देती है एक एक तरफ जहां घरों में दुर्गा पूजाऔर दशहरा की शुरुआत होने रही है तो वही धर्म नगरी प्रयागराज स्थित दारागंज में मां काली का अद्भुत स्वरूप प्रकट होता है जिनका दर्शन करने के लिए हजारों की तादात में लोग जुटते हैं पांच दिवसीय मां काली के इस अद्भुत स्वरूप के पहले दिन मां काली अपने अद्भुत सिंगार के साथ काली स्वांग करते हुए मां भक्तों को दर्शन दिया करती हैं कहा जाता है कि रामायण में एक विशेष काली स्वांग प्रसंग है जिसमें मां काली का स्वरूप बनाकर हाथ में भुजाली लिए हुए हजारों की भीड़ में निकलती है प्रयागराज में मां काली स्वांग की परंपरा सैकड़ों वर्ष पुरानी है काली स्वांग को देखने के लिए यहां दूर-दूर से लोग इकट्ठे होते हैं आधी रात के बाद काली स्वांग का दृश्य देखने को मिलता है इस दौरान उनके भव्य स्वरूप का दर्शन करने के लिए हजारों लोगआते हैं लेकिन जिस तरीके से विश्व भर में कोविड की ऐसी काली छाया पड़ी जिससे घरों में ही कैद होकर रहना पड़ रहा है. और इसी कारण इस बार हिंदुओं के खास पर्व दशहरा और नवरात्रि पर सरकार द्वारा दी गई गाइडलाइन के कारण दारागंज के हजारों भक्तों को भुजाली और खप्पर ली हुई रौद्र रूप मां काली स्वांग के दर्शन करने से वंचित हो जाएंगे |

आचार्य रमेश कुमार मिश्र लीला संयोजक के कहने के अनुसार काली जी के निकलने की परंपरा की शुरुआत कहां से हुई अध्यात्म में इसका जुड़ाव कहा से है . जिस समय श्री राम 14 वर्ष के लिए वनवास में जाते हैं और उनसे युद्ध करने के लिए खरदूषण आता है तब श्री रामचंद्र जी ने लक्ष्मण से कहा कि तुम मां सीता को ले जाओ मैं राक्षसों का संघार कर दूं और तब माता सीता ने कहा कि श्री राम ने नारी को क्या पूरी तरह अबला ही समझ लिया है और तब माता सीता ने काली का रूप धारण किया. वही परंपरा आज हमारे यहां सैकड़ों वर्षो से चली आ रही है और इस बार ना होने का कारण 2020 की महामारी है.

वहीं दिव्य का कहना है कि हर बार जो हम लोग दशहरा और दुर्गा पूजा में जाकर मौज मस्ती किया करते थे लेकिन इस बार कोविड-19 के बजे से और काली स्वांग को भी नहीं देख पाएंगे.

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