हिन्दुत्ववादी संगठनों के विरोध को देखते हुए फिल्म बेगम जान पर लगाया गया बैन!

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असम में कथित तौर पर लव जिहाद को बढ़ावा देने और हिंदू एवं असम की संस्कृतियों को नीचा दिखाने के आरोप में एक टेलीविजन धारावाहिक पर दो महीने का प्रतिबंध लगा दिया है.

स्थानीय प्रशासन ने धार्मिक भावनाएं आहत करने के लिए 24 अगस्त को असम के टीवी धारावाहिक ‘बेगम जान’ पर प्रतिबंध लगाने के आदेश दिए थे.

मनोरंजन टीवी चैनल ‘रेंगोनी’ पर ‘बेगम जान’ का हर सप्ताह प्रसारण किया जाता है.

एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, यह टीवी शो एक ऐसी हिंदू लड़की के बारे में है, जो एक मुस्लिम युवक की मदद से समाज से लड़ती है. इस शो का इस साल जुलाई महीने में ही प्रसारण शुरू हुआ था और तभी से यह विवादों में है.

आरएसएस से जुड़े हिंदू जागरण मंच और अन्य समूह इस धारावाहिक के प्रसारण का विरोध कर रहे हैं. इस शो पर पूर्ण प्रतिबंध को लेकर सड़कों से लेकर सोशल मीडिया तक विरोध किया गया.

गुवाहाटी पुलिस के आयुक्त एमपी गुप्ता ने कहा, ‘जिलास्तरीय निगरानी समिति की बैठक में इस पर चर्चा हुई. इस समिति में 10 सदस्य हैं. इस पर दो महीने के प्रतिबंध का फैसला लिया गया, क्योंकि ऐसी आशंकाएं हैं कि शांति भंग हो सकती है और प्रथमदृष्टया ऐसे आरोप लगे हैं, जिससे समाज के एक वर्ग की धार्मिक भावनाएं आहत हो सकती हैं.’

दूसरी तरफ ऐसे आरोप हैं कि गुवाहाटी पुलिस ने बेगम जान की मुख्य कलाकार अभिनेत्री प्रीति कोंगना की शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की. प्रीति को सोशल मीडिया पर ट्रोलर्स ने निशाना बनाया है.

प्रीति का कहना है कि जुलाई में शो का प्रसारण शुरू होते ही उन्हें और उनके परिवार को सोशल मीडिया के जरिये ट्रोल किया गया, धमकाया गया और यहां तक कि उन्हें रेप तक की धकमी दी गई.

उन्होंने कहा, ‘मेरा कानून और प्रशासन पर विश्वास है. आजकल कलाकारों को सोशल मीडिया पर ट्रोल करना ट्रेंड बन गया है. यह बहुत दर्दनाक है.’ पुलिस का कहना है कि वे अभी भी शिकायत की जांच कर रहे हैं.

गुप्ता ने कहा, ‘उनकी शिकायत पर हमने दिसपुर पुलिस थाने में मामला दर्ज किया था और जांच जारी है. कानून अपना काम करेगा.’

हिंदू जागरण मंच की गुवाहाटी इकाई का कहना है कि जब भी कोई धारावाहिक या फिल्म हिंदू समाज को नीचा दिखाने की कोशिश करेगी, हम हर बार उसका उसका विरोध करेंगे.

मंच के राज्य अध्यक्ष मृणाल कुमार लश्कर का कहना है, ‘बेगम जान में सही अर्थों में हिंदू समाज या असम समाज के मूल्यों का चित्रण नहीं किया गया. इसमें ब्राह्मणों को कमतर दिखाया गया है. असम समाज में पहले से ही लव जिहाद है और यह धारावाहिक इसे और बढ़ावा दे रहा है.’

वहीं रेंगोनी चैनल का कहना है कि उनका धारावाहिक किसी भी तरह से किसी धर्म या समुदाय के लिए अपमानजनक नहीं है.

चैनल के सीएमडी संजीव नारायण ने कहा, ‘इसका लव जिहाद से कोई लेना-देना नहीं है. यह एक हिंदू लड़की के बारे में है, जो एक मुस्लिम इलाके में मुसीबत में पड़ जाती है और एक मुस्लिम युवक उसकी जान बचाता है. हमारी कानूनी टीम इस मामले को देख रही है. यहां पहली बार इस तरह की कार्रवाई की गई है. हम इस धारावाहिक में ऐसा कुछ नहीं दिखाते, जो किसी धर्म के लिए अपमानजनक हो.’

साभार- द वायर हिन्दी

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