युवक की पीट-पीटकर हत्या में 31 गिरफ्तार,चौकी इंचार्ज समेत दो सस्पेंड

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कोरांव के लखनपुर गांव में एक दिन पहले युवक की पीट-पीटकर हत्या के मामले में दूसरे दिन 11 अन्य आरोपी भी गिरफ्तार कर लिए गए। उधर, मामले में लापरवाही सामने आने पर निरीक्षण करने पहुंचे एडीजी जोन ने चौकी इंचार्ज समेत दो लोगों को सस्पेंड करने का आदेश दिया। वहीं, तनाव को देखते हुए गांव में फोर्स तैनात रही।

अमर उजाला की खबर अनुसार लखनपुर गांव में करीब हफ्ते भर पहले पाल बस्ती में रहने वाले शंकरलाल पाल के घर में मारपीट के बाद आगजनी की गई थी। मामले में सात लोगों पर नामजद रिपोर्ट दर्ज की गइ्र थी, जिनमें योगेंद्र सिंह पुत्र मुन्नीलाल भी शामिल था। बुधवार को गांव में ही लाठी-डंडों से पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी गई थी। मामले में कुल 39 लोगों पर केस दर्ज हुआ था, जिनमें से 20 रात में ही गिरफ्तार कर लिए गए थे।

बृहस्पतिवार को 11 अन्य आरोपी भी गिरफ्तार कर लिए गए। उधर, दोपहर 3:30 बजे के करीब एडीजी जोन प्रेमप्रकाश व आइजी रेंज केपी सिंह घटनास्थल पर पहुंचे। जांच पड़ताल व ग्रामीणों से बातचीत के दौरान सामने आया कि हफ्ते भर पहले हुई आगजनी की घटना में पुलिस ने ने प्रभावी कार्रवाई की होती तो शायद इतनी बड़ी वारदात न होती। यह भी सामने आया कि आगजनी में वांछित हिस्ट्रीशीटर प्रदीप सिंह गहरवार उर्फ गब्बर सिंह अब भी नहीं पकड़ा जा सका है। जबकि वह थाने के टॉप 10 अपराधियों में शुमार है।

एडीजी ने इस बारे में पूछा तो चौकी प्रभारी पंकज भाष्कर कोई जानकारी नहीं दे पाए। जिसके बाद उन्होंने चौकी प्रभारी व बीट कांस्टेबल संतोष कुमार पटेल को सस्पेंड करने का आदेश दिया। एडीजी खुद फोर्स लेकर हिस्ट्रीशीटर के घर पहुंचे लेकिन वह नहीं मिला।

मातहतों को दिशा निर्देश देने के बाद दोनों अफसर वापस चले गए। तनाव को देखते हुए  दूसरे दिन भी गांव में भारी फोर्स तैनात रही। पोस्टमार्टम के बाद दोपहर में दो बजे के करीब परिजनों ने शव का दारागंज घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया। एसपी यमुनापार दीपेंद्रनाथ चौधरी ने बताया कि चौकी इंचार्ज व सिपाही को सस्पेंड करने के लिए रिपोर्ट भेजी जा रही है।

जिस जगह हुई थी आगजनी, वहीं की हत्या
योगेंद्र की हत्या में यह भी सामने आया है कि हफ्ते भर पहले जिस जगह आगजनी की वारदात में वह नामजद था, उसकी हत्या भी वहीं की गई। गांव से 500 मीटर के करीब पालबस्ती में स्थित घटनास्थल पर खींचकर ले जाने के बाद उसे पीट-पीटकर मार डाला गया। हालांकि पीएम रिपोर्ट में उसे जिंदा जलाने की बात सामने नहीं आई। एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज ने बताया कि मौत सिर पर चोट लगने की वजह से हुई। जले हुए पुआल के पास शव मिलने पर यह अफवाह फैली थी कि उसे आग में फेंक दिया गया।

पुलिस को भी खदेड़ा था गांववालों ने
यह बात भी सामने आई है कि हत्या की खबर पर पहुंची पुलिस को शव कब्जे में लेने में भी खासा मशक्कत करनी पड़ी थी। सूचना पर पहुंचे चौकी इंचार्ज व सिपाहियों को वहां मौजूद लोगों ने खदेड़ लिया था। बाद में फोर्स पहुंचने के बाद पुलिस शव कब्जे में ले सकी थी। उधर मृतक के घर में कोहराम मचा रहा। तीन भाईयों में सबसे छोटे योगेंद्र के दो बेटों में बड़ा गगन (18) बैंगलौर में रहकर प्राइवेट नौकरी करता है जबकि छोटा आकाश (17) पढ़ाई करता है।

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