यहाँ जेल में रोज़ेदार मुस्लिम कैदियों के लिये आधी रात उठकर सेहरी बनाते हैं हिन्दू कैदी

0
410

रमज़ान उल मुबारक के मुक़द्दस महीने में सबसे ज़्यादा रौनक देखने को मिलती थी,हर तरफ गुल गुलजार रहता था,लेकिन इस बार कोरोना वायरस के चलते लोग रमज़ान की इबादत अपने घरों में करने पर मजबूर हैं।

हालात ये हैं कि, संक्रमण से बचने के लिए लोग एक दूसरे से सोशल डिस्टेंस मेंटेन किये हुए हैं। इस तरह सब अपनी अपनी सुरक्षा करने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे हालात में भोपाल सेंट्रल जेल से हिंदू-मुस्लिम भाई चारे की मिसाली तस्वीर सामने आई है।

वैसे तो जेल एक मुजरिम का ठिकाना है, जहां बुराई को कैद किया जाता है, लेकिन इस मुश्किल की घड़ी में कैदियों के बीच भाईचारा देखने को मिला। दरअसल, रमजान का पवित्र महीना चल रहा है। ऐसे में जेल के अंदर मौजूद 150 हिंदू कैदी, आधी रात को उठकर मुस्लिम कैदियों के लिए सहरी के लिए भोजन तैयार करते हैं।

यहीं नहीं, ये हिन्दू कैदी रोज़दारों के लिए शाम को इफ्तार भी तैयार करते हैं। बता दें कि, भोपाल सेंट्रल जेल में करीब 3000 कैदी बंद हैं। इनमें 500 कैदी मुस्लिम हैं, जो रमजान के रोजे रख रहे हैं। इन रोजों के दौरान यहां मौजूद कैदियों में से करीब 150 हिन्दू कैदी उनकी हर जरूरत का ध्यान रख रहे हैं।

जेल प्रबंधन के मुताबिक, आम दिनों में तो बाहरी संस्थाएं ही त्योहार के दिनों में कैदियों के लिए जरूरी चीजों का इंतेजाम कर लेती है। इसी तरह रमज़ान के दिनों में संस्थाएं सेहरी और इफ्तारी की व्यवस्था करते हैं। लेकिन लॉकडाउन के चलते किसी भी संस्था द्वारा जेल में सामान लाने पर प्रतिबंध है। ऐसे हालात में जेल प्रबंधन ही इन मुस्लिम कैदियों की जरूरत का पूरा ख्याल रख रहा है।

रोजेदार कैदियों के लिए रात 3:00 बजे से सहरी का इंतेजाम किया जाता है। इस सहरी में इन कैदियों को चाय और रोटी दी जाती है। साथ ही, शाम को इफ्तारी का जिम्मा भी इन हिंदू कैदियों का ही है। इफ्तारी में इन्हें तरबूज, मौसमी फल, खजूर और दूध दिए जाते हैं। हालांकि, खाना बनाने और नमाज पढ़ने के दौरान सोशल डिस्टेंस का पालन किया जाता है। मुस्लिम कैदियों को खाने में दाल चावल, सब्जी और रोटी दी जाती है।

भोपाल जेल में 29 सिमी के आरोप में भी बंद है। इन्हीं कैदियों को आम कैदियों के साथ रहने की इजाजत नहीं है। बाकि, सभी कैदी सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए मुस्लिम कैदी जेल में ही नमाज अदा करते हैं। जेल अधीक्षक दिनेश नरगावे के मुताबिक, रोजे के दौरान मुस्लिम कैदियों को कोई दिक्कत न हो, इसकी पर्याप्त व्यवस्था की गई है। जेल मैन्युअल के हिसाब से सभी कैदियों को खाना दिया जाता है। नमाज अदा करने के लिए एक हॉल में व्यवस्था की गई है।

क्या आपको ये रिपोर्ट पसंद आई? हम एक गैर-लाभकारी संगठन हैं. हमारी पत्रकारिता को सरकार और कॉरपोरेट दबाव से मुक्त रखने के लिए आर्थिक मदद करें. आप हमें bhim app 930588808@ybl और paytm व phone pe कर सकते है इस न पर 9305888808

www.worldmediatimes.com पर जाकर सबक्राईब  करे हमसे जुड़ेने व विज्ञापन के लिए संपर्क करे अन्य न्यूज़ अपडेट हासिल करने के लिए आप हमें इस न 9452888808 पर कॉल और whatsapp भी कर सकते है आप  youtube  पर भी सबक्राईब करे   Facebook Page और  Twitter   Instagram  पर फॉलो करे! हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें अपने मोबाइल पर  World Media Times की Android App