Coronavirus को खत्म करने के लिए सिर्फ ‘लॉकडाउन’ करना काफी नहीं : WHO

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VENICE, ITALY - MARCH 9: A completely empty San Marco Square is seen on March 9, 2020 in Venice, Italy. Prime Minister Giuseppe Conte announced a "national emergency" due to the coronavirus outbreak and imposed quarantines on the Lombardy and Veneto regions, which contain roughly a quarter of the country's population. Italy has the highest number of cases and fatalities in Europe. The movements in and out are allowed only for work reasons, health reasons proven by a medical certificate.The justifications for the movements needs to be certified with a self-declaration by filling in forms provided by the police forces in charge of the checks. (Photo by Marco Di Lauro/Getty Images)

लंदन: दुनियाभर में कोरोना वायरस (Coronavirus) की दहशत बढ़ती ही जा रही है. अभी तक यह वायरस 11 हजार से ज्यादा लोगों की जान ले चुका है. तीन लाख से ज्यादा लोग इसकी चपेट में हैं. सिर्फ चीन और इटली में ही मरने वालों का आंकड़ा 7 हजार के पार है. कई देशों की सरकारों ने एहतियातन लॉकडाउन का ऐलान कर दिया है. भारत में भी कई राज्यों की सरकारों ने बीते रविवार लॉकडाउन का ऐलान किया लेकिन क्या किसी राज्य अथवा देश को लॉकडाउन करने से कोरोना वायरस को फैलने से रोका जा सकता है, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की मानें तो ऐसा हरगिज नहीं है. संगठन के आपातकाल विशेषज्ञ माइक रायन का मानना है कि बाद में फिर से इस वायरस के प्रभाव में आने से बचने के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों की जरूरत होगी.

रिपोर्ट्स के अनुसार, माइक रायन ने कहा, ‘हमें अभी इस बात पर फोकस करने की जरूरत है कि जो बीमार हैं, जो इस वायरस से ग्रसित हैं, उन्हें आइसोलेट किया जाना चाहिए. वो लोग किनके संपर्क में आए थे, उनका पता लगाना चाहिए और उन्हें भी आइसोलेट करना चाहिए. अगर हम सख्त तौर पर सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों को नहीं अपनाते हैं, तो लॉकडाउन के साथ भी खतरा बरकरार है. जब लॉकडाउन या अन्य पाबंदियां हटेंगी तो यह बीमारी फिर से लोगों को अपना शिकार बनाएगी.’ माइक रायन ने इसके लिए चीन, सिंगापुर और साउथ कोरिया का उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि इन देशों ने सख्ती के साथ बचाव उपाय किए और हर संदिग्ध की जांच की. एक बार जब इसे फैलने से रोक दिया जाए तो इसके बाद भी इसकी समीक्षा करनी होगी.

उन्होंने आगे कहा कि कई देशों में कोरोना वायरस से लड़ने के लिए वैक्सीन बनाने की कवायद जारी है. अभी तक सिर्फ अमेरिका ने इसका परीक्षण किया है. उन्होंने बताया कि ब्रिटेन में भी इसपर काम चल रहा है और इसमें एक साल भी लग सकता है लेकिन लोगों को इससे बचने के जरूरी कदम खुद उठाने होंगे. बताते चलें कि भारत में अभी तक राजस्थान, पंजाब, उत्तराखंड, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, तेलंगाना, केरल, जम्‍मू-कश्‍मीर, झारखंड, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, गुजरात, छत्‍तीसगढ़, ओडिशा, महाराष्‍ट्र, मध्‍य प्रदेश, आंध्र प्रदेश और नगालैंड में लॉकडाउन की घोषणा की गई है. इनमें से कई राज्‍यों में पूरे सूबे में लॉकडाउन की घोषणा की गई है, जबकि कुछ में कुछ जिलों में लॉकडाउन का ऐलान किया गया है. राज्य सरकारों ने इसको लेकर गाइडलाइन भी बनाई है. सभी राज्यों में यह 31 मार्च तक प्रभावी रहेगा.

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