सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के फैसले का इकबाल अंसारी ने किया स्वागत,कहा-अब इस विवाद से आगे बढ़ने का..

0
189

अयोध्या. अयोध्या मसले में बाबरी मस्जिद के पक्षकार रहे मो. इकबाल अंसारी ने सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि अब इस विवाद से आगे बढ़ने का वक्त है। बोर्ड का फैसला पूरी तरह से देश हित में हैं। मंगलवार को सुन्नी वक्फ बोर्ड ने एक बैठक के बाद कहा है कि राम मंदिर विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आए फैसले को लेकर वह अदालत में रिव्यू पिटीशन दायर नहीं करेगा।

इकबाल अंसारी ने कहा कि सुन्नी वक्फ बोर्ड का निर्णय कोर्ट के फैसले का सम्मान करने वाला है। इससे राजनीति खत्म हो जाएगी। अंसारी ने कहा कि हमारी कौम चाह रही है कि फैसले के खिलाफ बात आगे नहीं बढ़े। अब विकास की राजनीति होनी चाहिए। हिन्दू व मुसलमानों में आपसी सौहार्द बढ़ाने के प्रयास होने चाहिए।।

वहीं, रामलला विराजमान के मुख्य पुजारी ने फैसले की सराहना की। मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के रिव्यू पिटीशन के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा जिस बात को वह कोर्ट के आर्डर के पहले कह चुके थे कि सुप्रीम कोर्ट का जो आदेश होगा हम सभी उसको मानेंगे। उसी बात पर आज सुन्नी सेंट्रल बोर्ड कायम है। यह अच्छी बात है।

सत्येंद्र दास ने कहा कि कोर्ट का आदेश किसी के पक्ष में नहीं होता। कोर्ट का आदेश न्याययुक्त होता है। फैसला न्याय संगत होने से हिंदू पक्ष ने इसको मान लिया और मुस्लिम पक्ष को भी मान लेना चाहिए। जो लोग इसके खिलाफ रिव्यू याचिका दायर करने का विचार कर रहे हैं। वह गलत हैं। सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ही इस मामले में पक्षकार था। उसने सही निर्णल लिया है।

सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड की बैठक में लिया गया फैसला:-मंगलवार को लखनऊ के मॉल एवेन्यू स्थित बोर्ड के कार्यालय में बैठक हुई। इसमें बहुमत से तय किया गया कि अयोध्या केस में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दाखिल नहीं की जाएगी। बैठक में 7 में से 6 सदस्यों ने इस पर सहमति दी। 5 एकड़ जमीन लेने के मुद्दे पर अगली बैठक में विचार होगा।

बोर्ड के आठ सदस्यों में से प्रयागराज से वकील कोटे से इमरान माबूद खां बैठक में नहीं पहुंचे। बोर्ड सदस्य अब्दुल रज्जाक ने कहा, ‘‘मैं इकलौता सदस्य था, जिसने यह आवाज उठाई थी कि रिव्यू पिटीशन दाखिल हो।’’ बोर्ड चेयरमैन जुफर फारुकी ने कहा, ‘‘ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड एक अलग संस्था है, फिर उसके फैसले पर हम क्यों कोई विचार करें।’’

क्या आपको ये रिपोर्ट पसंद आई? हम एक गैर-लाभकारी संगठन हैं. हमारी पत्रकारिता को सरकार और कॉरपोरेट दबाव से मुक्त रखने के लिए आर्थिक मदद करें. आप हमें bhim app 930588808@ybl और paytm व phone pe कर सकते है इस न पर 9305888808

www.worldmediatimes.com पर जाकर सबक्राईब  करे हमसे जुड़ेने व विज्ञापन के लिए संपर्क करे अन्य न्यूज़ अपडेट हासिल करने के लिए आप हमें इस न 9452888808 पर कॉल और whatsapp भी कर सकते है आप  youtube  पर भी सबक्राईब करे   Facebook Page और  Twitter   Instagram  पर फॉलो करे! हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें अपने मोबाइल पर  World Media Times की Android App