संगम नगरी में रिटायर्ड IAF कर्मी ने लगाई फांसी,भ्रष्टाचार को बताया मंदी का जिम्मेदार

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प्रयागराज/इलाहाबाद :टायर्ड एयरफोर्स कर्मी बिजन दास (55) पुत्र चितरंजन दास ने आर्थिक तंगी से परेशान होकर शनिवार को प्रयागराज में फांसी लगाकर जान दे दी। रविवार दोपहर बाद होटल प्रयाग के एक कमरे में उनकी लाश मिली। सुसाइड नोट में बिजन दास ने देश में मंदी के लिए पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के भ्रष्टाचार को जिम्मेदार बताया है।

इसके साथ ही अपने गायक बेटे विवेक के लिए प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी से मदद की गुहार लगाई है। साथ ही जिला प्रशासन से आग्रह किया कि उसके शव को प्रयागराज में ही दफना दिया जाए। खुल्दाबाद पुलिस परिजनों को खबर देकर मामले की जांच कर रही है।

बिजन दास, असम के दरांग जिले के मंगलदाई थाना क्षेत्र के एचकेबी रोड शांतिपुर के निवासी थे। छह सितंबर को वह इलाहाबाद जंक्शन पहुंचे। दोपहर डेढ़ बजे खुल्दाबाद थाने के बगल में होटल प्रयाग में 214 नंबर कमरे में ठहरे। रविवार सुबह करीब आठ बजे सफाई कर्मी पहुंचा तो दरवाजा नहीं खुला। 10 बजे चाय और साढ़े 11 बजे नाश्ते वाला पहुंचा, तब भी दरवाजा नहीं खुला तो पुलिस को सूचना दी गई। साढ़े तीन बजे पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो बिजन दास का शव पंखे के चुल्ले में नायलॉन की रस्सी के फंदे से लटका था।

कमरे से शराब की खाली शीशी, चिप्स का पैकेट, सिगरेट और मोबाइल मिला। टेबल पर पांच पेज का अंग्रेजी में लिखा सुसाइड नोट भी मिला। इंस्पेक्टर खुल्दाबाद रोशन लाल का कहना है आत्महत्या का कारण परिवार की खराब आर्थिक स्थिति है। घरवालों के आने पर ही पता चल सकेगा वह यहां क्यों आए थे। होटल के कर्मचारियों ने बताया कि शनिवार रात बिजन दास रात करीब 11 बजे कमरे पर कहीं से लौटे थे। खाना पूछने पर बताए कि खाकर आए हैं।

 

प्रधानमंत्री को संबोधित सुसाइड नोट में यह लिखा

पांच पन्नों के लंबे सुसाइड नोट में मृतक बिजन दास ने देश की वर्तमान आर्थिक स्थिति के लिए पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को जिम्मेदार ठहराया है और कहा है कि मंदी के लिए मोदी सरकार को दोषी नहीं ठहराया जा सकता है। घोटाले और वित्तीय कुप्रबंधन के लिए यूपीए सरकार को दोषी ठहराते हुए, बिजन दास ने कहा है कि मंदी के कारण वह सेवानिवृत्ति के बाद कुछ भी करने में विफल रहे हैं। जब वित्तीय कुप्रबंधन होता है, तो प्रभाव तत्काल नहीं होता है। इसका प्रभाव कुछ वर्षों के बाद आता है। इसलिए आर्थिक मंदी के लिए अकेले मोदी सरकार को दोषी ठहराना पूरी तरह से गलत है। नोटबंदी या जीएसटी के कार्यान्वयन पर अस्थायी रूप से प्रभाव पड़ सकता है, लेकिन कोई भी इसके लिए दोषी नहीं हो सकता है। आईएनएक्स मीडिया मामले में चिदंबरम की गिरफ्तारी के बारे में बिजन दास ने कुछ टिप्पणियां की हैं। कोयला, टूजी स्पेक्ट्रम समेत कई घोटालों के जरिए करोड़ों रुपये का गोलमाल हुआ। इसमें किसी को दोषी ठहराया नहीं गया है, जबकि सबको पता है कि बड़ा घोटाला हुआ है।

पी चिदंबरम ने खुद स्वीकार किया है कि गिरफ्तारी से पहले दो बड़े वकीलों के साथ कोर्ट में पैरवी के लिए तैयारी कर रहे थे। मेरी समझ में यह नहीं आता कि जब वह इतने बेदाग और पाक-साफ हैं तो वह नामचीन वकीलों के साथ परामर्श क्यों लेते रहे? इससे साफ है कि वह भी भ्रष्टाचार के भागीदार हैं। वह कितना भागीदार हैं यह जांच का विषय है। जब भी चिदंबरम को मौका मिलता तो मौजूदा सरकार को दोषी ठहराने से बाज नहीं आते। पूर्व में हुए भ्रष्टाचार के दूरगामी दुष्प्रभाव होंगे।

अपने बेटे के साथ भी अन्याय किया 

अपनी खुद की विफलताओं के बारे में बात करते हुए, बिजन दास ने कहा कि वह अपने युवा बेटे के लिए कुछ नहीं कर सकते, जो एक गायक है और गायन रियलिटी शो ‘सारेगामापा लिटिल चैंप्स’का हिस्सा था। बिजन दास ने पीएम मोदी से गायक बनने के अपने सपने को हासिल करने के लिए अपने बेटे विवेक दास की मदद करने को कहा है। मोदी जी भरोसा करिए, मैं कभी आत्महत्या नहीं करना चाहता था, लेकिन मैं लाचार हूं। सबको खुश रखना मेरे लिए संभव नहीं हो पा रहा है। मैंने अपने बेटे के साथ भी अन्याय किया है। मैं उसे अच्छा बचपन नहीं दे पाया और घर भी नहीं बना पाया। अब मैं न अपने देश के लिए किसी काम का हूं और न परिवार के लिए। मेरा बेटा विवेक अच्छा गायक है। 2010 में वह सारेगामापा के लिटिल चैंप में शामिल हुआ, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण उसे स्टेज पर नहीं ले जा सका। कृपया मेरे बेटे की मदद करिए।

मुझे पता है कि आपके सामने तमाम चुनौतियां हैं लेकिन तब भी आप उसकी मदद करिए। मेरी शारीरिक स्थिति भी ठीक नहीं है। मैं अपनी इहलीला समाप्त कर रहा हूं कि शायद आपसे मेरे बेटे को कोई सहायता मिल जाए। मैं जिला प्रशासन से गुजारिश करता हूं कि मेरे शव को यहीं दफना दिया जाए। मेरे परिवार या मेरे बेटे को नहीं बुलाया जाए। मैं नहीं चाहता कि मेरा बेटा शव देखे। मैंने 1500 रुपये रखे हैं, जो मेरे शव का अंतिम संस्कार करने वाले को दे दिया जाए। मेरे पास और पैसा नहीं है। असुविधा के लिए खेद है। उन्होंने इलाहाबाद प्रशासन से उनके परिवार को उनके दाह संस्कार के लिए नहीं बुलाने के लिए कहा है, क्योंकि वह नहीं चाहते हैं कि उनका बेटा उनके शरीर को देखे। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इलाहाबाद में ही उनका शव दफन करें। पुलिस ने मामले में आगे की जांच के लिए परिवार से संपर्क किया है।

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