अब राहुल गांधी के बाद राष्ट्रीय महासचिव और प्रदेश सहायक अध्यक्ष का इस्तीफा,कही ये बात

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देहरादून:-उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत ने लोकसभा चुनाव में पार्टी की हार और राहुल गांधी के अध्यक्ष पद छोड़ने के बाद अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है।  इसकी जानकारी उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल के माध्यम से दी है। उन्होंने मांग की कि राहुल गांधी को कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष बने रहना चाहिए ताकि 2024 में बीजेपी से मुकाबला  कर परास्त किया जा सके।

क्या लिखा अपनी पोस्ट में, पढ़ें

फेसबुक में डाली गई पोस्ट में हरीश रावत ने कहा कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी की हार एवं संगठनात्मक कमजोरी के लिए हम पदाधिकारीगण जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि असम में पार्टी द्वारा अपेक्षित स्तर का प्रदर्शन न कर पाने के लिए प्रभारी के रूप में मैं उत्तरदायी हूं। मैंने अपनी कमी को स्वीकारते हुए अपने महामंत्री के पद से पूर्व में ही त्यागपत्र दे दिया। पार्टी के लिए समर्पित भाव से काम करने के लिए मेरी स्थिति के लोगों के लिए पद आवश्यक नहीं है, लेकिन प्रेरणा देने वाला नेता आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि प्रेरणा देने की क्षमता केवल राहुल गांधी में है। उनके हाथ में बागडोर रहे तो यह संभव है कि हम 2022 में राज्यों में हो रहे चुनाव में वर्तमान स्थिति को बदल सकते हैं। साथ ही 2024 में बीजेपी और नरेंद्र मोदी को परास्त कर सकते हैं। इसलिए लोकतांत्रिक शक्तियां और सभी कांग्रेसजन राहुल गांधी को कांग्रेस अध्यक्ष पद पर देखना चाहते हैं।

पश्चिम बंगाल कांग्रेस में भी इस्तीफे का दौर

कोलकाता। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को इस्तीफा दे दिया है। इसके बाद अब पश्चिम बंगाल कांग्रेस में भी उथल-पुथल मच गया है। प्रदेश कांग्रेस के सहायक अध्यक्ष ओम प्रकाश मिश्रा ने इस्तीफा देने की घोषणा कर दी है। गुरुवार को उन्होंने भी एक चिट्ठी लिखी है। इसमें उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सोमेन मित्रा पर भी बड़ा आरोप लगाया है।

ओम प्रकाश मिश्रा ने कहा कि लोकसभा चुनाव के समय जब देशभर के साथ पश्चिम बंगाल में भी पार्टी का प्रदर्शन निराशाजनक रहा, तब मैंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सोमेन मित्रा, प्रदेश कांग्रेस प्रभारी गौरव गोगोई समेत अन्य पदाधिकारियों से सामूहिक इस्तीफा देने की मांग की थी। उस दिन कांग्रेस कार्यकारिणी की बैठक हुई थी लेकिन शीर्ष पदों पर बैठे किसी भी नेता ने मेरी बात को अहमीयत ‌नहीं दी। अब जब राहुल गांधी ने इस्तीफा दे दिया है तो मैं भी किसी पद पर रहना नहीं चाहता। मिश्रा ने कहा कि वह अपने सभी पदों से इस्तीफा देंगे।

खबर है कि ओम प्रकाश गुरुवार शाम को प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष सोमेन मित्रा को अपना इस्तीफा सौंपेंगे। इस्तीफे की प्रति वह राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्यों को भी भेजेंगे। हालांकि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सोमेन मित्रा ने ओम प्रकाश मिश्रा के इस दावे पर कटाक्ष किया है। मिश्रा के साथ इस्तीफा देने के आह्वान को दरकिनार करते हुए सोमेन ने कहा कि पार्टी ने ओम प्रकाश को एक महत्वपूर्ण पद दिया है तो वह इस्तीफा दे सकते हैं। पद नहीं रहता तो कहां से इस्तीफा देते। सोमेन के इस कटाक्ष पर ओम प्रकाश ने तीखी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि कुछ नेताओं की स्वार्थपूर्ण राजनीति की वजह से ही प्रदेश में कांग्रेस की बुरी दशा हुई।

ओम प्रकाश ने कहा कि इस बार लोकसभा चुनाव में पूरे देश की तुलना में पश्चिम बंगाल का प्रदर्शन सबसे खराब रहा है लेकिन राज्य इकाई का कोई भी पदाधिकारी इसकी जिम्मेवादारी लेने के लिए तैयार नहीं है। अखिल भारतीय कांग्रेस समिति ने गौरव गर्ग को प्रदेश प्रभारी बना कर भेजा था लेकिन वह पूरी तरह से व्यर्थ रहे हैं। सोमेन मित्रा, प्रदीप भट्टाचार्य भी पार्टी की बेहतरी के लिए कुछ भी करने में विफल रहे। इसके अलावा प्रदेश इकाई के तीन कार्यकारी अध्यक्ष दीपा दास मुंशी, नेपाल महतो और शंकर मालाकार भी चुनाव में करारी हार का सामना कर चुके हैं। किसी को भी 10 प्रतिशत वोट नहीं मिला। केवल अधीर रंजन चौधरी ने मुर्शिदाबाद के बहरमपुर लोकसभा क्षेत्र में अपने दम पर जीत दर्ज की लेकिन उनके ही जिले में दो अन्य लोकसभा सीटों पर भी पार्टी की करारी हार हुई। ऐसे में अधीर रंजन चौधरी भी अपनी जिम्मेदारियों को टाल नहीं सकते। इन सभी को इस्तीफा देना चाहिए।

ओम प्रकाश झूठ बोल रहे-मित्रा

ओम प्रकाश मिश्रा ने खुद के बारे में स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि मैं चुनाव प्रक्रिया के किसी भी हिस्से में शामिल नहीं था। मैंने जितने सुझाव दिए प्रदेश कांग्रेस ने उसे दरकिनार कर दिया। फिर भी अगर मैं इस्तीफा दे सकता हूं तो दूसरों को क्यों नहीं देना चाहिए? इधर सोमेन मित्रा ने इस्तीफे पर टिप्पणी करते हुए कहा कि ओम प्रकाश ने ना तो किसी प्रभारी को कभी इस्तीफा देने के लिए कहा है और ना ही इस बारे में कोई चर्चा हुई है। ओम प्रकाश झूठ बोल रहे हैं। कुल मिलाकर कहा जाए तो राहुल गांधी के इस्तीफे के बाद प्रदेश कांग्रेस में भी रार मची हुई है।

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