मोदी सरकार के 5 करोड़ मुस्लिम छात्रों को स्कॉलरशिप देने के ऐलान से संत समाज नाराज

0
119

दिल्ली: नरेंद्र मोदी के दोबारा प्रधानमंत्री बनने के बाद संसद के सेंट्रल हाल में अल्पसंख्यक समुदाय को लेकर दिये गए बयान का पूरे देश के मुसलमानों ने स्वागत किया था,अब केन्द्र की मोदी सरकार ने देश के अल्पसंख्यकों को लुभाने के लिए 5 करोड़ मुसलमानों को स्कॉलरशिप देने का फैसला किया है। लेकिन सरकार के इस फैसले पर अखिल भारतीय संत समिति ने नाराजगी जाहिर की है।

संत समाज के लोगों का कहना है कि देश के 8 राज्यों में हिंदू समुदाय के लोग अल्पसंख्यक हैं। ऐसे में क्या इन राज्यों के हिंदुओं को भी अल्पसंख्यकों के अधिकार मिलेंगे? अखिल भारतीय संत समाज ने केन्द्र सरकार को चिट्ठी लिखकर इस मुद्दे पर अपनी बात रखी है और साथ ही सरकार से अल्पसंख्यक की परिभाषा स्पष्ट करने की मांग की है।

आज तक की एक खबर के अनुसार, संत समाज द्वारा सरकार को जो पत्र लिखा गया है उसमें 9 बिंदुओं को रेखांकित किया गया है। अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री जितेंद्रानंद सरस्वती का कहना है कि भारतीय संविधान की प्रस्तावना में ही ‘एक जन एक राष्ट्र’ की भावना की बात कही गई है।

संविधान में अल्पसंख्यक शब्द की परिभाषा कहीं नहीं है। पत्र में बताया गया है कि साल 1992 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा संसद में प्रस्ताव लाकर अल्पसंख्यक आयोग का गठन किया गया, जो कि संविधान की मूल अवधारणा के विरुद्ध था। संत समाज की मांग है कि जिन राज्यों में हिंदू अल्पसंख्यक हैं, वहां भी हिंदुओं को अल्पसंख्यकों वाले अधिकार मिलने चाहिए।

संत समाज का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने अल्पसंख्यक आयोग को निर्देश दिए थे कि वह राज्यवार अल्पसंख्यक की परिभाषा तय करके बताए। संत समाज के अनुसार, हम भी सरकार से यही मांग कर रहे हैं। संतों का कहना है कि सरकार अल्पसंख्यकों को छात्रवृत्ति दे, हमें उसकी खुशी है, लेकिन 8 राज्यों में हिंदुओं को भी अल्पसंख्यकों में शामिल किया जाए और सुप्रीम कोर्ट के तय मानदंडों का पालन किया जाए।

देश के इन राज्यों में हिंदू अल्पसंख्यकः देश के 8 राज्यों में हिंदू समुदाय के लोग अल्पसंख्यक हैं। जिन राज्यों में हिंदू अल्पसंख्यक हैं, उनमें जम्मू कश्मीर, मेघालय, मिजोरम, पंजाब, लक्षद्वीप, नगालैंड, अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर का नाम शामिल है। इन राज्यों में हिंदू आबादी ढाई प्रतिशत से लेकर 38 प्रतिशत तक है। बता दें कि ईद के मौके पर केन्द्र सरकार ने देश के 5 करोड़ छात्रों को छात्रवृत्ति देने का फैसला किया था।

देखे क्या लिखा है पत्र में  और क्या मामला है पूरा 

8 राज्यों में बतौर अल्पसंख्यक गुजर-बसर कर रहे हैं हिंदू:-संत समाज ने बाकायदा केंद्र सरकार को चिट्ठी लिखकर अल्पसंख्यक की परिभाषा साफ करने को कहा है. ईद के मौके पर 5 करोड़ अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं को छात्रवृति के रूप में देने का केंद्र सरकार का तोहफा काशी के संत समाज को रास नहीं आ रहा है. इसलिए काशी के संत समाज ने केंद्र सरकार सहित संबंधित विभाग-मंत्रालय को पत्र लिखकर अल्पसंख्यक की परिभाषा पूछी है, क्योंकि 8 राज्यों में हिंदू भी बतौर अल्पसंख्यक गुजर-बसर कर रहे हैं.

अल्पसंख्यक समुदाय के 5 करोड़ छात्रों को स्कॉलरशिप का ऐलान:-अल्पसंख्यक वोटों को साधने के लिए बीजेपी सरकार के मन में अल्पसंख्यकों के प्रति उमड़े प्रेम का ही नतीजा था कि ईद के दिन अल्पसंख्यक समुदाय के 5 करोड़ छात्रों को स्कॉलरशिप (छात्रवृति) देने का ऐलान किया गया. सरकार की इसी मंशा पर अखिल भारतीय संत समिति ने अपने पत्र के जरिए सवाल खड़ा किया है, जिसमें उन्होंने न केवल मौजूदा सरकार से अल्पसंख्यक की परिभाषा पूछी है.

क्या है अल्पसंख्यक की परिभाषा?:-प्रधानमंत्री, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय, गृह मंत्रालय और अल्पसंख्यक आयोग को 9 बिंदुओं पर पत्र लिखने वाले अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि भारतीय संविधान की प्रस्तावना में ही एक जन एक राष्ट्र की भावना की बात कही गई है. इसलिए अल्पसंख्यक शब्द की परिभाषा कहीं से संविधान में तो नहीं है. दिसंबर 1992 में कांग्रेस सरकार द्वारा पहली बार अल्पसंख्यक आयोग का गठन संसद में प्रस्ताव लाकर किया गया और यह संविधान की मूल अवधारणा के विरुद्ध था. ऐसे में सवाल है कि भारत में अल्पसंख्यक कौन हैं?

हिंदू अल्पसंख्यकों को भी मिलें सरकारी सुविधाएं:-संत समाज का कहना है कि भारत के आठ राज्यों (जम्मू-कश्मीर, मेघालय, मिजोरम, पंजाब, लक्षद्वीप, नगालैंड, अरुणांचल प्रदेश और मणिपुर) में हिंदू भी अल्पसंख्यक हैं. ये ढाई प्रतिशत से लेकर 38 प्रतिशत तक ही यहां हिंदू हैं. तो क्या इन 8 राज्यों में अल्पसंख्यक हिंदुओं को सरकार की ओर से दी जानी वाली सुविधाएं नहीं मिलनी चाहिए.

उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर चुनाव के दौरान अल्पसंख्यक आयोग से मांग की है कि राज्यवार अल्पसंख्यक की परिभाषा राज्यवार तय करके बताइए और हम सरकार से यही मांग कर रहे हैं. इसलिए सरकार छात्रवृति अल्पसंख्यकों को बांटे हमें खुशी है, लेकिन उसमें आठ राज्यों के अल्पसंख्यक हिंदू भी शामिल हों और सुप्रीम कोर्ट के तय मापदंडों का पालन हो.

बता दें कि मोदी सरकार द्वारा हजयात्रा से सब्सिडी हटा लेने के बाद से ही सरकार को अल्पसंख्यक खासकर मुसलमान विरोधी माना जा रहा था. जाहिर तौर पर इस डैमज कंट्रोल के लिए मोदी पार्ट-2 ने अल्पसंख्यक मतदाताओं को खुश करने के लिए 5 करोड़ अल्पसंख्यक छात्रों को छात्रवृति के तोहफे की घोषणा ईद पर कर दी. जिसपर संत समाज अब मुखर होकर सामने आने लगा है. 8 राज्यों में हिंदू अल्पसंख्यकों के हितों की रक्षा का मुद्दा गरमाने लगा है.

क्या आपको ये रिपोर्ट पसंद आई? हम एक गैर-लाभकारी संगठन हैं. हमारी पत्रकारिता को सरकार और कॉरपोरेट दबाव से मुक्त रखने के लिए आर्थिक मदद करें. आप हमें bhim app 930588808@ybl और paytm व phone pe कर सकते है इस न पर 9305888808

www.worldmediatimes.com पर जाकर सबक्राईब  करे हमसे जुड़ेने व विज्ञापन के लिए संपर्क करे अन्य न्यूज़ अपडेट हासिल करने के लिए आप हमें इस न 9452888808 पर कॉल और whatsapp भी कर सकते है आप  youtube  पर भी सबक्राईब करे   Facebook Page और  Twitter   Instagram  पर फॉलो करे! हर पल अपडेट रहने के लिए डाउनलोड करें अपने मोबाइल पर  World Media Times की Android App