UP में यहाँ मुस्लिम परिवारों ने कहा अगर मोदी दोबारा जीते चुनाव तो उन्हें गाँव छोड़ना पड़ेगा

0
193

इंटरनेशनल न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स ने भारत की सामाजिक एकता खण्डता और सांप्रदायिक सौहार्द के खिलाफ एक ऐसी स्टोरी चलाई है जिसको पढ़कर किसी भी सच्चे भारतीय को दुख होगा और गंगा जमनी तहजीब के मिटते हुई निशानियों पर मातम करेगा।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, बुलंदशहर के गांव नयाबांस में रहने वाले मुसलमानों का कहना है कि पहले ऐसा नहीं था और मुस्लिमों के बच्चे भी हिन्दू बच्चों के साथ खेला करते थे. अब कई मुस्लिम आतंकित हैं और उनका कहना है कि बीते 2 सालों में दोनों समुदाय के बीच ध्रुवीकरण इतना बढ़ गया है कि कई यहां से निकलने की सोच रहे हैं।

उत्तर प्रदेश के इस साधारण गांव नयाबांस में रहने वाले मुस्लिम परिवारों ने योजना बनाई है कि यदि भाजपा इस लोकसभा चुनाव में जीत जाती है तो वे गांव छोड़ देंगे। इस गांव में रहने वाले एक युवक का कहना है कि “उन्हें याद है कि एक समय था जब उनके बच्चे हिंदू युवकों के साथ खेलते थे। जब किसी दुकान पर दोनों धर्म के लोग मिलते थे तो खूब सारी बातें होती थी। एक दूसरे के त्योहारों में आना जाना होता था। अब ऐसी बातें नहीं रही।” गांव के कई लोगों का कहना है कि जिस तरह से पिछले 2 साल में ध्रुवीकरण हुआ है, उस वजह से कुछ लोग डरे हुए है और सक्षम लोग यहां से दूर जाने की सोंच रहे हैं।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, गांव के मुसलमानों का कहना है कि जैसा कि एग्जिट पोल में दिखाया गया है कि नरेंद्र मोदी की सत्ता में दोबारा वापसी हो रही है, ऐसी स्थिति में उन्हें लगता है कि हालात और बिगड़ेंगे। हालांकि, मतों की गणना गुरुवार को होगी और इसके बाद ही पूरा परिदृश्य साफ हो पाएगा। गांव में एक छोटी सी गुमटी पर बैठकर तंबाकू और ब्रेड बेचने वाले गुलाम अली कहते हैं, “पहले चीजें काफी अच्छी थी। अच्छे और बुरे वक्त दोनों समय हिंदू तथा मुस्लिम साथ होते थे, चाहे वह किसी की शादी हो या मौत। अब समय इस तरह से बदल गया है कि एक गांव में होने के बावजूद हम अलग-अलग रह रहे हैं।”

वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में एनडीए को पूर्ण बहुमत मिला और नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने। वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा की सरकार बनी और यह राज्य पूरी तरह भगवा पार्टी के कब्जे में आ गया। एक हिंदू पुजारी और भाजपा नेता योगी आदित्यनाथ राज्य के मुख्यमंत्री बनें। अली कहते हैं, “मोदी और योगी ने पूरे माहौल को गंदा कर दिया है। उनका मुख्य और एक मात्र एजेंडा ही हिंदू और मुस्लिम के बीच दरार पैदा करना है। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। हम इस जगह को छोड़ना चाहते हैं, लेकिन ऐसा कर नहीं सकते हैं। पिछले 2 साल में उनके चाचा सहित करीब एक दर्जन परिवार गांव छोड़ कर जा चुके हैं।”