लालू ने कलेजी बनवाकर ऑटो ड्राइवर के साथ खाया,बोले-कुर्बानी का कलेजी है,दवा से ज्यादा असरदार

0
92

आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने 2018 में अपनी हार्ट सर्जरी करवाई थी। हार्ट सर्जरी के बाद वह कई दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहे। इलाज के दौरान उन्होंने अस्पताल में एक ऑटो ड्राइवर से कच्ची कलेजी मंगवाई और फिर बनवाकर खाई भी। ‘द टेलीग्राफ’ में छपी एक रिपोर्ट में इस पूरे वाक्य का जिक्र किया गया है। लालू यादव के जीवन पर आधारित किताब ‘गोपालगंज टू रायसीना माय पॉलिटिकल जर्नी’  के सह-लेखक ने इसके बारे में विस्तार से उल्लेख किया है।

वह बताते हैं उस दिन बकरा ईद थी। मैं 21 अगस्त 2018 के दिन मुंबई एयरपोर्ट पर उतरा। मुझे लालू प्रसाद यादव से मिलने जाना था। वह मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स स्थित एशियन हार्ट इंस्टीट्यूट में भर्ती थे। मैं लालू के जीवन पर आधारित किताब ‘गोपालगंज टू रायसीना माय पॉलिटिकल जर्नी’ पर कुछ तथ्यों की पुष्टि के लिए उनसे मिलने जा रहा था।

मैंने एक ऑटो रिक्शा को हाथ देकर रोका और उस में बैठ गया। इस दौरान मैंने ऑटो ड्राइवर जो कि एक मुस्लिम था उनसे पूछा कि क्या आप आरजेडी अध्यक्ष लालू यादव को जानते हैं? तो उन्होंने कहा हां मैं जानता हूं और वह इस समय अस्पताल में भर्ती हैं। और फिर मैंने ड्राइवर से कहा मैं उनसे ही मिलने जा रहा हूं। तो ड्राइवर जिनका नाम अंसारी थी उन्होंने अचानक ऑटो रोक दिया। इसके बाद मुझसे कहा कि मुझे भी उनसे मिलना है। अगर आप मुझे उनसे मिलवा देंगे तो मैं अल्लाह से आपके लिए दुआएं मांगूंग। ड्राइवर की बात सुनकर मुझे उस वक्त लगा कि मैं लालू जी से उन्हें मिलवा भी पाऊंगा या नहीं। और मैं सच कहूं तो ड्राइवर को लालू से मिलवाने की दिलचस्पी उस वक्त तक मेरे अंदर नहीं थी। लेकिन ड्राइवर अंसारी ने जाते-जाते मुझसे एक बात कही जो मेरे दिल को छू गई।

उन्होंने मुझसे कहा कि अगर मुझे सदी के महानायक अमिताभ बच्चन और लालू यादव से एक ही समय पर मिलना हो तो मैं लालू से मिलना पसंद करूंगा। लेकिन मैंने भी ड्राइवर का मन रखते हुए उनका मोबाइल नंबर एक पेपर पर ले लिया।

इसके बाद ड्राइवर ने मुझे अस्पताल के बाहर उतार दिया। वहां लालू जी का नौकर मुझे लेना आया और उनके कमरे तक ले गया। लालू जी की हार्ट सर्जरी हुई थी और उनके रेगुलर चेकअप चल रहे थे। समय-समय पर ब्लड प्रेशर चेक किया जाता था। नर्स और डॉक्टर उनके आस-पास ही मौजूद रहते थे। डॉक्टर उन्हें बता रहे थे कि उन्हें क्या खाना है और क्या नहीं।

जब डॉक्टर से बातचीत खत्म हुई तो लालू बेड पर लेटे हुए ही हमसे बातचीत कर रहे थे। मैं करीब दो घंटे तक उनके कमरे में रुका रहा। इस दौरान डॉक्टर और नर्स समय-समय पर उनका ब्लड प्रेशर, शुगर आदि चेक रहे थे। मैंने नोटिस किया कि डॉक्टर और नर्स लालू के साथ एक परिवार की तरह घुल मिल गए हैं। लालू दर्द में थे लेकिन उनके आसपास मौजूद लोगों उनकी बातें सुनकर खुश थे।

लालू जी से मिलने के बाद जब 6 बजे के करीब में वहां से निकल ही रहा था तो मुझे उस ऑटो ड्राइवर का ख्याल आया और मैंने उनसे कहा कि मैं जिस ऑटो में यहां तक आया था उसका ड्राइवर आपका बहुत बड़ा प्रशंसक है और आपसे मिलना चाहता है। जैसे ही उन्होंने यह बात सुनी वह एकदम से ऊर्जावान हो गए और मुझसे कहा कि क्या मैंने उनका मोबाइल नंबर लिया? कृप्या करके मुझे उनका नंबर दीजिए। और उनके ऐसा कहते ही मैंने अपनी जेब से उस पेपर को निकाल लिया जिसपर ड्राइवर का नंबर लिखा था। इसके बाद उन्होंने तुरंत अपनी पार्टी के विधायक भोला यादव को ड्राइवर से बात करने के लिए कहा। भोला ने फोन मिलाया और फिर लालू को दे दिया। इसके बाद लालू ने ड्राइवर से कहा ‘आपका नाम क्या है? आप जल्दी से मिलने आ जाओ। ढाई सौ ग्राम कच्चा कलेजी भी लेते आना। आज बकरा ईद का दिन है। कुर्बानी वाली कलेजी लेकर आना।

ड्राइवर से बात करने के बाद लालू ने भोला से कहा कि बाहर मुझसे मिलने आने नेताओं को कह दो कि मैं उनसे कुछ दिन बाद मिलूंगा। कुछ देर बाद ड्राइवर वहां एक सफेद पॉलीथीन में कलेजी लेकर पहुंच जाता है। लालू को देखते ही वह रोने लगता है। लालू ड्राइवर अंसारी से कहते हैं कि रोना नहीं है। आप लक्ष्मण के साथ जाइए और कलेजी को सरसों के तेल, अदरक, हरी मिर्च, पेपर और नमक के साथ पका कर लाइए। इसे एकसाथ मिलकर खाएंगे।

इसके बाद लक्ष्मण अंसारी को किचन की तरफ ले गए जो कि अस्पताल प्रशासन की तरफ से लालू के लिए बनाया गया था। दोनों ने मिलकर कलेजी बनाई और फिर उसे लालू जी के पास ले गए। जिसके बाद लालू तुरंत बेड पर बैठ गए और ड्राइवर से कहा कि वह उनके साथ एक ही प्लेट में कलेजी खाए।

इस पर ड्राइवर अंसारी ने कहा ‘हुजूर! आपकी प्लेट में कैसे खाऊं! मैं गरीब आदमी हूं, ऑटोरिक्शा चलाता हूं। आपसे मिल लिया मुझे सबकुछ मिल गया। लालू ने उन्हें प्यार से दुतकारते हुए कहा ‘चुपचाप आकर साथ में खाओ नहीं तो दो थप्पड मारूंगा। इसके बाद अंसारी लालू की प्लेट में उनके साथ ही खाने लगते हैं।

लालू और अंसारी कलेजी खा ही रहे थे कि तभी वहां नर्स आ गई और कहने लगी कि डॉक्टर ने आपको मीट खाने से मना किया है। इस पर लालू ने कहा ‘डॉक्टर साबह भोले हैं। उनको पता नहीं है कि अंसारी के मीट में जितना फायदा है उतना फायदा पूरे अस्पताल की दवाई में नहीं। मुझे गरीब लोगों से अपार प्यार मिला है। मुझे और क्या चाहिए? मैं मौत और बीमारी के बारे में नहीं सोचता। जीवन भगवान के हाथ में है।’

इसके बाद वह ड्राइवर से कहते हैं ‘अंसारी अब जाओ। कोई तकलीफ होगा तो बताना, फिर मिलना। यह सुनकर अंसारी रोते हुए कहते हैं या अल्लाह! लालू जी को आबाद रख।
जैसे ही ऑटो ड्राइवर वहां से चल जाता है तो वह हम लोगों से कहते हैं ‘रात के 8 बज चुके हैं। मैंने तुम्हारे साथ मीट नहीं खाया क्योंकि वह 4-5 लोगों के लिए पर्याप्त नहीं था। लेकिन अब आप अपने होटल जाइए और वहां अच्छा खाना और शराब लीजिए। बिहार में तो शराब बंदी है।