रिलायंस को फ्रांस में टैक्स माफी पर कांग्रेस ने उठाए बड़े सवाल

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फ्रांस के एक अखबार ने शनिवार को दावा किया कि राफेल सौदे की घोषणा के बाद रिलायंस को टैक्स में करीब 1123 करोड़ (14.37 करोड़ यूरो) की छूट दी गई थी। इसे लेकर कांग्रेस ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि ‘मोदी कृपा’ से रिलायंस का अरबों रुपये का कर माफ हो गया। वहीं, रिलायंस ने इन आरोपों को खारिज कर दिया।

समाचारपत्र ‘ले मोंदे’ ने दावा किया कि फ्रांस के कर अधिकारियों ने रिलायंस की टेलीकॉम कंपनी से 2007-10 के बीच बकाया 15.1 करोड़ यूरो का टैक्स मांगा था लेकिन बाद में 73 लाख यूरो में यह मामला सुलझ गया।

इस खुलासे के बाद कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि 23 मार्च, 2015 को ‘एए’ पेरिस में रक्षा मंत्री के सलाहकार और अन्य अधिकारियों से मिलते हैं। उस वक्त ऑफसेट साझेदार एचएएल थी। सुरजेवाला ने कहा कि 10 अप्रैल 2015 को मोदी फ्रांस जाते हैं और 36 विमान खरीदने का सौदा करते हैं। इसके कुछ दिन बाद ही 14 करोड़ यूरो से अधिक का कर माफ कर दिया जाता है। 21 सितंबर, 2018 को फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद कहते हैं कि उनके पास अनिल अंबानी के अलावा कोई विकल्प नहीं था। इन आरोपों पर रक्षा मंत्रालय ने कहा कि कर मामले और राफेल मुद्दे के बीच किसी तरह का संबंध बताना पूरी तरह अनुचित और गलत जानकारी देने की कोशिश मात्र है।

कंपनी की सफाई
रिलायंस ने फ्रांस में कर छूट के आरोपों को बेबुनियाद बताया।कंपनी की ओर से कहा गया कि विवाद को कानूनी ढांचे के तहत निपटाया गया था। फ्रांस में काम करने वाली सभी कंपनियों के लिए इस तरह का तंत्र उपलब्ध है।

फ्रांस का इनकार
अखबार के दावे पर फ्रांसीसी दूतावास ने कहा कि फ्रांस के कर प्राधिकरणों व रिलायंस की अनुषंगी कंपनी में कर छूट पर वैश्विक सहमति बनी थी। इसमें किसी भी तरह का राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं किया गया है।