सिख महिलाओं को हेलमेट पहनने से मिलेगी छूट

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चंडीगढ़:सिख महिलाओं को जल्द ही हेलमेट पहनने से छूट मिल सकती है। गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने सिख महिलाओं को इसमें छूट दिए जाने का ऐलान किया है। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के आग्रह पर राजनाथ सिंह ने महिलाओं के लिए हेलमेट अनिवार्य किए जाने की नोटिफिकेशन में बदलाव का भरोसा दिया है। साथ ही सिख महिलाओं को अभी से इसमें छूट दिलवाने का भरोसा भी दिया है।पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने नई दिल्ली में राजनाथ सिंह से मिलकर चंडीगढ़ से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। जुलाई 2016 में प्रशासन ने नोटिफिकेशन जारी कर सभी महिलाओं के लिए टू व्हीलर ड्राइव करते समय हेलमेट पहनना अनिवार्य किया था। यह फैसला पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट की डायरेक्शंस के बाद लिया गया था। अभी तक सैकड़ों महिलाओं के चालान भी किए जा चुके हैं, लेकिन चंडीगढ़ के इस फैसले का शिरोमणि अकाली दल पहले दिन से ही विरोध करता रहा है।

इसको लेकर पंजाब के राज्यपाल एंव यूटी प्रशासक वीपी सिंह बदनौर से भी शिअद प्रतिनिधियों ने मिलकर विरोध जताया था। बावजूद इसके सिख महिलाओं को छूट नहीं दी गई थी। सरदार परकाश सिंह बादल ने कहा कि राजनाथ सिंह ने यह भरोसा दिलाया है कि जुलाई 2018 में जारी किए सिख महिलाओं के लिए चंडीगढ़ में हेलमेट को आवश्यक बनाने वाले नोटिफिकेशन को वापस लिया जाएगा तथा उन्हें पहले की तरह ही दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने से छूट दी जाएगी।

बादल ने गृहमंत्री को बताया कि यह नोटिफिकेशन न सिर्फ इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ है, बल्कि सिख रहत् मर्यादा के भी विरूद्ध है। हालांकि यूटी प्रशासन को इस बारे में अभी कोई लिखित आदेश नहीं मिले हैं। एडवाइजर परिमल राय ने कहा कि उन्हें ऐसे कोई लिखित आदेश नहीं मिले हैं। यह नोटिफिकेशन पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों के बाद जारी किया गया था। उन्हें इसमें बदलाव करने के लिए हाईकोर्ट के आदेश भी देखने होंगे।

एक्सीडेंट नहीं देखता सिर किस धर्म का:-पहले यूटी प्रशासन ने दिल्ली की तर्ज पर ही नोटिफिकेशन करने का फैसला लिया था, जिसमें सिख महिलाओं को हेलमेट पहनने से छूट देने की तैयारी थी, लेकिन इस पर हाईकोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि एक्सीडेंट यह नहीं देखता की सिर किस धर्म से संबंध रखने वाली महिला का है। इसके बाद ही प्रशासन ने ड्राफ्ट नोटिफिकेशन में से सिख महिला शब्द हटाया था और सभी महिलाओं के लिए इसे अनिवार्य किया था। इस ड्राफ्ट नोटिफिकेशन पर करीब 20 सुझाव और शिकायतें आई थी, जिसमें से दो ही इसके खिलाफ आई थी। शिअद ने भी इसे सिख महिलाओं के लिए अनिवार्य नहीं किए जाने के पक्ष में अपना सुझाव दिया था।

60:40 अनुपात का मुद्दा भी उठाया:-प्रकाश सिंह बादल और शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने चंडीगढ़ में 60:40 का अनुपात बरकरार नहीं रखने का मुद्दा भी गृह मंत्री के समक्ष उठाया। उन्होंने शिष्टमंडल को यह भरोसा दिलाया कि चंडीगढ़ में पंजाब तथा हरियाणा के कर्मचारियों की नियुक्ति को लेकर 60:40 के अनुपात को बरकरार रखा जाएगा।

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