आलमगीर के हत्यारे शॉर्प शूटर ?

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सै मो आमिर.अलीगढ़ :एएमयू के छात्र नेता आलमगीर की हत्या में किसी शॉर्प शूटर का हाथ होने का कयास लगाया जा रहा है । सरकारी हथियार का इस्तेमाल होने के बाद शातिरों के गिरोह पर पुलिस की निगाहें टिकी हैं। वही पिछले साल स्टेशन पर मजिस्ट्रेट के गनर की हत्या करके लूटी गई पिस्टल को पुलिस अभी तक बरामद नहीं कर सकी है यह पहलू भी अलीगढ पुलिस की कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह खड़ा करता है । कही ऐसा तो नहीं कि उसी पिस्टल का इस्तेमाल छात्र नेता हत्या में तो नहीं किया गया
सूत्र की माने तो कि जिस कुख्यात के पास सिशैली पाही की पिस्टल होने की चर्चाएं थीं, वह तो मारा जा चूका है मगर उसके भाई पुलिस ने दबोचा तो उसने कबूल किया पिस्टल को भाई के पास देखा गया था। चर्चा ये भी है कि जिस बदमाश को मारा गया था, उसकी हत्या के पीछे भी सरकारी पिस्टल को हथियाना ही वजह थी। सिविल लाइंस पुलिस न तो सिपाही के कातिलों का पता लगा पाई और न ही लूटी गई पिस्टल का सुराग। लूटी गई पिस्टल भी 9 एमएम की थी। हो सकता है कि सरकारी पिस्टल जिस गैंग के पास पहुंची हो,उसी ने छात्र की हत्या की हो। मौके पर मिले 9 एमएम कारतूस खोखे के बाद पुलिस ने इस बिंदु पर जांच शुरू कर दी है। जिन युवकों को हत्या में नामजद कराया गया है, उनका लोकेशन अलग-अलग मिल रहा है।
दूसरे जिलों के लोग हत्या में नामज़द आशुतोष के अलावा जिन तीन युवकों को नामजद किया गया है, वे आजमगढ़ व बिजनौर जिले के हैं। दो टीमें वहां के लिए रवाना हो गई थीं,अभी तक कोई सफलता हाथ नहीं लगी है। टीमें वहीं डेरा डाले हैं।
सरकारी हथियार से आलमगीर की हत्या के बिंदु पर भी पुलिस जांच कर रही है। सिपाही की हत्या कर एक पिस्टल लूटी गई थी, उसकी बरामदगी अभी तक नहीं हो सकी है।
– जे. रविंद्र गौड़, एसएसपी।