विडियो:अब राम रहीम का BJP सांसद ने किया सपोर्ट,देखे क्या कहा

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उन्नाव:बीजेपी सांसद साक्षी महाराज ने डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को सपोर्ट करते हुए कहा- ”एक आदमी ने कंप्लेन की है यौन शोषण की और करोड़ों लोग डेरा सच्चा बाबा को भगवान मान रहे हैं। तो एक की बात सुनी जा रही है, करोड़ों की कोर्ट क्यों नहीं सुन रहा है। अगर ज्यादा बड़ी घटनाएं घटती हैं तो इसके लिए डेरा के लोग ही नहीं कोर्ट भी जिम्मेदार होगा।”
 
भारतीय संस्कृति को बदनाम करने का षडयंत्र
साक्षी महाराज ने कहा- ”एक आदमी यौन शोषण का आरोप लगा रहा है। पूर्वाग्रह भी हो सकता है। कुछ लोभ लालच भी हो सकता है। हो सकता है भारतीय संस्कृति की छवि को धूमिल करने, बर्बाद करने के लिए भी किया गया हो।”
” कर्नल पुरोहित के साथ क्या हुआ? प्रज्ञा भारती ठाकुर के साथ क्या हुआ? ये योजना बद्ध तरीके से ये साधु-सन्यासी नहीं, भारतीय संस्कृति को बदनाम करने का षडयंत्र है।”
”मुझे लगता है की माननीय न्यायालय, माननीय उच्च न्यायालय को गंभीरता से इस बात को लेना चाहिए। इतना नुक्सान हो गया और ज्यादा नुकसान न हो। अगर ज्यादा बड़ी घटनाये घटती है तो उसके लिए डेरा के लोग जिम्मेदार नहीं होंगे न्यायालय भी जिम्मेदार होगा।”
जामा मस्जिद का इमाम कोर्ट का रिश्तेदार है क्या
साक्षी महाराज ने आगे कहा- ”लॉ एंड ऑडर की स्थिति ख़राब हो गई। लोग मर रहे हैं, दंगे हो रहे हैं। जामा मस्जिद के इमाम को हाईकोर्ट क्यों नहीं बुला लेता है। वो कोई रिश्तेदार लगता है क्या?”
”राम रहीम तो सीधे साधे है तो बुला लिया और जामा मस्जिद के इमाम को नहीं बुला सकते। कितने केसों में वो वांछित है। कहीं न कहीं प्रश्न चिन्ह तो खड़ा होता है।”
सेक्शुअल हैरेसमेंट केस की हिस्ट्री
अप्रैल 2002: साध्वी ने हाईकोर्ट और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को लेटर भेजा था। लेटर में लगाए आरोपों पर डेरा चीफ से जानकारी हासिल करने के लिए सिरसा के सेशन जज को भेजा गया।
सितंबर 2002: हाईकोर्ट ने मामले की जांच सीबीआई से कराने के ऑर्डर दिए। इसमें लिखा गया कि मामले में सेक्शुअल हैरेसमेंट से इनकार नहीं किया जा सकता।
दिसंबर 2002: चंडीगढ़ सीबीआई ब्रांच ने राम रहीम के खिलाफ धारा 376, 506 और 509 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की।
दिसंबर 2003: अक्टूबर 2004 तक डेरा चीफ की पिटीशन पर सुप्रीम कोर्ट ने मामले पर स्टे लगा दिया। बाद में स्टे हटा और सीबीआई को जांच मिली।
2005-2006:इस दौरान कई इन्वेस्टिगेशन अफसर बदले। बाद में जांच अफसर सतीश डागर ने इन्वेस्टिगेशन की और उस साध्वी को ढूंढ़ा, जिसने रेप के आरोप लगाए थे।
जुलाई 2007: सीबीआई ने अंबाला सीबीआई कोर्ट में चार्जशीट फाइल की। इसमें बताया गया कि डेरा में 1999 और 2001 में कुछ और साध्वियों से भी रेप हुआ। बाद में मामला पंचकूला कोर्ट में शिफ्ट हुआ।
अगस्त 2008: ट्रायल शुरू हुआ और डेरा चीफ के खिलाफ आरोप तय किए गए। 2009-2010 में दो पीड़ित सामने आए, जिन्होंने कोर्ट में बयान दिए। सीबीआई के सामने दिए पीड़ित के बयान की हैंडराइटिंग के सैंपल को लेकर भी कई सवाल उठे थे।
जुलाई 2016: केस के दौरान 52 गवाह पेश हुए। इनमें 15 प्रोसिक्यूशन और 37 डिफेंस के थे।
जून 2017: डेरा सच्चा सौदा चीफ ने विदेश जाने के लिए कोर्ट में अपील दायर की, जिसमें वह अपनी फिल्म का प्रोमोशन करना चाहते थे। कोर्ट ने उनके विदेश जाने पर रोक लगाई थी।
25 जुलाई 2017: कोर्ट ने रोज सुनवाई करने के निर्देश दिए, ताकि केस जल्द निपट सके। 17 अगस्त को बहस खत्म हुई और फैसले के लिए 25 अगस्त को आए फैसले में बाबा को दोषी करार दिया गया।

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