प्रशासन ने दोबारा बाहुबली MLA विजय मिश्रा का बंगला किया सील ,

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इलाहाबाद:ज्ञानपुर, भदोही से निर्दलीय बाहुबली विधायक विजय मिश्र के इलहाबाद के अल्लापुर के बंगले को पुलिस ने गुरुवार को सील कर दिया। विजय मिश्र पर 2009 में गैंगस्टर एक्ट के तहत डीएम के आदेश पर पुलिस ने उनके बंगले को किया सीज किया है।
व‍िजय म‍िश्रा के बारे में…
 विधायक विजय मिश्र पर अलग -अलग थानो में अपहरण, हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, छिनैती समेत 63 मुकदमे दर्ज हैं।
वर्तमान में योगी सरकार और 2007 में बसपा सरकार में कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता पर 12 जुलाई 2010 को रिमोट बम से हमला किया गया था। जिसमें विजय मिश्र प्रमुख आरोपी हैं। इस बार सपा से टिकट कटने के बाद वो निषाद राज पार्टी से लड़े थे। चुनाव में जीत हासिल की थी।एसपी सिटी सिद्धार्थ मीणा ने बताया कि 2010 में नंदी पर हमले के आरोप में कोर्ट ने इनकी संपत्ति सील करा दी थी, लेकिन विजय मिश्र ने बिना कोर्ट की परमिशन के ही अपने बंगले की सील तोड़ कर रहने लगे थे । उसी में ये कार्रवाई की गई है।वहीं, एडीएम स‍िटी पुनीत शुक्ला के अनुसार, बसपा सरकार में 2 नवंबर 2009 में धारा 14 A गैंगेस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी। हालांक‍ि, बाद में 2012 में सपा सरकार के बनते ही अवैध रूप से दबंगई बाहुबल के प्रभाव से सील तोड़ कर कब्जा कर लिया और रहने लगे।अब योगी सरकार के आते ही जिला प्रशासन ने सील तोड़कर मकान को कब्जा करने के मामले को संज्ञान में लेते हुए विजय मिश्रा के खिलाफ अवैध रूप से सील तोड़ने का केस दर्ज कर डीएम के आदेश पर फ‍िर बंगले को सीज कर कुर्क करने की कार्रवाई की गई है।
 
पूर्वांचल में चलता है गुंडई का सिक्का
बीएसपी सरकार में मंत्री रहे योगी सरकार के मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी पर हमले के मामले में आरोपी विधायक विजय मिश्रा के रसूख का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि न सिर्फ भदोही (जहां से यह विधायक हैं), बल्कि समूचे पूर्वांचल में इनके खिलाफ बोलने का साहस कोई नहीं कर पाता है।विधायक विजय मिश्रा के खिलाफ यूपी के अलग-अलग थानों में 63 संगीन आपराधिक मामले चल रहे हैं। चाहे गिट्टी-बालू का ठेका हो, चाहे सड़क निर्माण या फिर पंचायती चुनाव हर जगह विजय मिश्रा की मर्जी के बिना एक परिंदा भी पर नहीं मार सकता।यह विजय मिश्रा की दबंगई ही है कि अपने रसूख का इस्तेमाल करके उन्होंने अपनी पत्नी रामलली मिश्र को भी विधान परिषद् के रास्ते विधायक बनवा दिया।
राजेश पायलट ने कोर्ट में बताया था विजय मिश्रा का नाम
नंद गोपाल गुप्ता नंदी पर हमले के बारे में बताया जाता है कि 12 जुलाई 2010 को रिमोट के सहारे आरडीएक्स बम से हमला किया गया था।
इस मामले में गिरफ्त में आए राजेश पायलट नाम के व्यक्ति ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। उसका कहना है कि मैंने यह हत्याएं विजय मिश्र के कहने पर ही की थी।विजय मिश्रा के साथ एक ही जेल में बंद राजेश ने कोर्ट से गुजारिश की है कि कि इससे पहले की उसकी हत्या हो जाए, उसका बयान दर्ज कर लिया जाए।

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