टीम को देख RTO कार्यालय छोड़ नौ दो ग्यारह हुए दलाल

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फैजाबाद,प्रभाकर यादव:सूबे के बदले निजाम का असर अब रामनगरी के अधिकारियों की कार्यशैली पर भी पड़ने लगा है। दलालों के चंगुल में फंसे क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी कार्यालय का जायजा लेने के लिए अधिकारियों ने औचक छापेमारी की। टीम के आने की भनक पाकर दलाल कार्यालय परिसर छोड़ भाग खड़े हुए। यह कार्रवाई एसएसपी अनंतदेव के निर्देश पर बहुत ही गोपनीय ढंग से की गई, जिसकी जानकारी परिवहन विभाग के अधिकारियों को भी नहीं थी। टीम का नेतृत्व सिटी मजिस्ट्रेट आरएन पटेल व एएसपी विक्रांतवीर ने किया। कार्यालय परिसर के भीतर प्रशासन व पुलिस की टीम को कोई दलाल तो नहीं मिला, लेकिन कार्यालय परिसर में इधर-उधर अनावश्यक खड़े कई संदिग्धों को पकड़ कर उनसे पूछताछ की गई। युवकों की ओर से विभागीय कार्य के लिए आने की बात बताने के बाद उन्हें हिदायत देकर छोड़ा गया।

सूबे में योगी सरकार आने के बाद से सरकारी व्यवस्थाओं में तेजी से परिवर्तन देखा जा रहा है। इसी का परिणाम शनिवार को आरटीओ कार्यालय में देखने को मिला। आरटीओ कार्यालय में दलालों की मौजूदगी की बढ़ रही शिकायत के मद्देनजर इस कार्रवाई को जोड़ कर देखा जा रहा है। अचानक छापेमारी से कार्यालय में हड़कंप मच गया। कार्यालय के बाहरी परिसर के हिस्से में मौजूद दलालों को टीम के आने की भनक लगी। वे आसपास की दुकानों में दुबक गए। टीम ने परिसर में मौजूद स्टांप वेंडरों के लाइसेंस भी चेक किए। फोटोकाफी की दुकानों पर जाकर भी पड़ताल की गई। सख्त हिदायत दी गई कि यदि कहीं से भी दलालों से साझगांठ मिली तो दुकानदारों के खिलाफ भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एएसपी ने बताया कि आरटीओ कार्यालय का भी जायजा लिया गया। परिवहन अधिकारियों से भी मुलाकात कर उनसे वार्ता की गई। अधिकारियों से अपील की गई कि विभागीय कार्य को पारदर्शी रूप से संपन्न कराने में कोई दिक्कत आ रही हो तो बताएं, आपसी सहयोग से उसे दूर किया जाएगा।

आसान नहीं RTO के  कैंसर का इलाज
आरटीओ कार्यालय को दलालों से मुक्त कराना कैंसर का इलाज करने के बराबर है। कैंसर तो फिर ठीक हो सकता है, लेकिन आरटीओ कार्यालय को दलाली रूपी बीमारी से मुक्त कराना आसान नहीं है। इस महकमे को लेकर शिकायतें आम रहती हैं कि संभागीय परिवहन विभाग में दलालों का बोलबाला है। लाइसेंस से लेकर वाहन का ट्रांसफर, फिटनेस और एनओसी का काम बिना दलाल संभव ही नहीं है। अधिकारी भी इस ओर आंख मूंदे हुए हैं। विभाग में मौजूद अपने कुछ मददगारों की सरपरस्ती में दलाली का आलम ये है कि अधिकारी की नाक के नीचे ही दलाल काम कर रहे हैं। विभाग में इनकी पैठ जगजाहिर है। कार्यालय के बाहर मौजूद झोपड़ी व टिनशेड हैं, जहां से दलाली का धंधा चलता है। दलालों के काकस के चलते यहां आने वाले लोग त्राहि-त्राहि कर रहे हैं। दलाल खुलेआम जनता को लूटने का काम कर रहे है। विभाग की ओर से लोगों को दलालों से सावधान रहने के प्रति सचेत भी किया जाता है। लेकिन लोगों में जागरूकता नहीं है। विभागीय जिम्मेदार भी दलालों पर अंकुश को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठा सके। यही वजह रही कि प्रशासन व पुलिस को संयुक्त रूप से कार्रवाई करनी पड़ी। शनिवार को अचानक हुई कार्रवाई विभागों से भ्रष्टाचार व दलाली प्रभा को खत्म करने से जुड़ी योगी सरकार की मंशा से जोड़ कर देखा जा रहा है। जाते-जाते प्रशासनिक व पुलिस अधीक्षक इस त को लेकर आगाह भी कर गए कि जल्द ही वे फिर आएंगे।

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