सूरज की संदिग्ध अवस्था में मौत

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shahशाहजहांपुर:18 जून को सूरज भागवत कथा कहने का शौकीन था और इसीलिए कथा करने में वह महारथ हासिल थी कि सूरज की भागवत कथा को जो सुनता था काफी देर के लिए परमात्मा की सोच में डूब जाता था लेकिन अजवोगरीब स्थिति में सूरज की हो गयी मौत और एक हफ्ते बाद परिवार वालों को मिल पाया शव।
शाहजहॉपुर-मामला थाना आर0सी0 मिशन का सूरज पुत्र संजय मिश्रा निवासी ग्राम हसनापुर थाना शाहबाद जिला हरदोई का रहने वाला था और सूरज के पिता ज्यादातर हरिद्वार में रहते थे उनके साथ में उनका पुत्र सूरज भी रहता था लेकिन को सूरज को भागवत कथा करने का बहुत शौक था इसलिए 18 जून को भागवत कथा का प्रोग्राम होने के कारण हरिद्वार से चला आया और हरदोई बाईपास पर उसकी मौसी गुडि़या रहती है वहां आया और भागवत कथा के कार्यक्रम को निपटाया और निपटाकर 21 जून को गांव के लिए कहकर चला गया जिसके पास 2200/- रूपये भी थे और उधरनपुर में अपने साथियों के पास कुछ देर रूका उसके साथ में मौसी का लड़का शिवम भी था कुछ देर दोस्तों के पास रूककर शिवम अपने घर पर चला गया इसी बीच रात 11 बजे मौसी का लड़का शिवम के अनुसार सूरज के मोबाइल पर काल आयी जिससे सूरज उठा और बाहर के लिए जाने को हुआ इसी बीच शिवम ने कहा कि इतनी रात हो गयी अब मत जाओ सुबह जाना सूरज लौट आया और लेट गया लेकिन जब सुबह में शिवम सोकर उठा तो सूरज घर में नहीं था उसके बाद से सूरज के ढूडने का सिलसिला चालू हो गया। इसी बीच अज्ञात शव पड़े होने की खबर जब पुलिस को लगी और सूचना सूरज के पिता संजय को पता चला जिसने शव को पहचाना तो वह शव उनके बेटे सूरज का ही निकला। हालाकि सूरज को मोबाइल नहीं मिला इसी बीच शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा भरकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया लेकिन सूरज की एक पहेली बनी हुई है कि आखिरकार सूरज की हत्या क्यों हुई किसने की और किस कारण की पुलिस मामले की जांच कर रही है लेकिन फिलहाल अभी तक सूरज की मौत का राज का खुलासा नहीं हुआ।

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