अब कातिलों का रास्ता बताएगी कार

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crimeइलाहाबाद:अधिवक्ता दीपचंद शुक्ला हत्याकांड की जांच आखिरी दौर में है। पुलिस के हाथ कातिलों तक जल्द पहुंच जाएंगे। हाईकोर्ट के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज के आधार पर की गई तीन संदिग्धों से पूछताछ में पुलिस के हाथ कुछ अहम सुराग लगे हैं। माना जा रहा है कि पुलिस को वह कार जो हत्या में प्रयोग की गई कातिलों तक पहुंचाएगी। गुरुवार को हुई पूछताछ में अधिवक्ता के तीनों साथियों के जवाब पुलिस को संतुष्ट नहीं कर सके। लिहाजा पुलिस ने इन तीनों पर शिकंजा कस दिया है।
कौशांबी के साढ़ो गांव निवासी हाईकोर्ट के अधिवक्ता दीपचंद शुक्ला की हत्या के मामले में बुधवार को पुलिस ने हाईकोर्ट के समीप लगे सभी सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को खंगाला। गुरुवार को वकील के दोस्तों समेत 12 लोगों से अलग-अलग पूछताछ की गई। सभी से पुलिस ने एक ही सवाल पूछा कि घटना के वक्त वह कहां थे और क्या कर रहे थे? तीन का जवाब पुलिस को संदिग्ध लगा। नतीजतन उनको हिरासत में लेकर सवाल-जवाब का सिलसिला तेज कर दिया है।
सूत्रों के मुताबिक पुलिस को पता चला कि वकील दीपचंद शुक्ल ने हाईकोर्ट के समीप अपने साथियों के साथ रविवार की शाम तीन बजे से पांच बजे तक शराब पी थी। इसके बाद वह हाईकोर्ट के पास पेट्रोल पंप के समीप अपनी बाइक खड़ी कर साथियों के साथ मम्फोर्डगंज कार से गए। वहां से करीब एक घंटा बाद लौटे। इसके बाद दोबारा शराब का दौर चला। रात करीब नौ बजे एक दूसरी कार आई। इस कार से वकील को धूमनगंज की ओर ले जाया गया। पुलिस की तफ्तीश अब इसी दिशा में चल रही है। मसलन यह कार किसकी थी? कार से जाने वाले लोग कौन थे? इसकी जांच की जा रही है।
एसपी सिटी राजेश यादव का कहना है कि पुलिस इस घटना के खुलासे से महज एक कदम दूर है। कई तथ्य ऐसे हैं, जिन्हें तस्दीक करना है। गायब पिस्टल व घटना में शामिल कार जल्द ही बरामद कर पूरे प्रकरण का पर्दाफाश कर दिया जाएगा।

किसी करीबी के पास है पिस्टल
पुलिस का मानना है कि अधिवक्ता की गायब पिस्टल उनके किसी करीबी के ही पास है। कार व पिस्टल बरामद करने के लिए पुलिस की कई टीमें शहर में जगह-जगह छापामारी कर रही हैं।

एक दोस्त के घर था आना-जाना
सिविल लाइंस थाने की पुलिस तीन साथियों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही हैं। उनमें से एक साथी की वकील से गहरी दोस्ती थी। इतना ही नहीं वकील का उसके घर आना-जाना भी थी। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि साथी व उसके परिजनों से मृतक वकील के किस तरह के संबंध थे?

पिस्टल निकालने पर हुई घटना
पुलिस की जांच में यह भी तथ्य सामने आया है कि हाईकोर्ट के समीप ही वकील और उसके साथियों के बीच कहासुनी हो गई थी। इससे नाराज अधिवक्ता ने अपनी पिस्टल निकाल ली थी। इसके बाद हत्या की रणनीति बनी और धूमनगंज ले जाकर वारदात को अंजाम दे दिया गया। अब पुलिस के लिए सबसे बड़ा सवाल यह है कि वकील ने पिस्टल क्यों निकाली? ऐसी क्या बात हुई कि वकील ने आपा खो दिया था? इन्हीं सब रहस्यों से पर्दा उठाने की कोशिश की जा रही है।